हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ हुब्बीगंज में/सात मुहर्रमुल हराम के अवसर पर क्षेत्र में बडी अकीदत और एहतेराम के साथ मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अज़ादारों ने शिरकत कर हज़रत कासिम अ.स.और बाकी कर्बला के शोहदा को याद किया और अहलेबैत (अ.स.) के प्रति अपनी मोहब्बत व वफ़ादारी का इज़हार किया।
इस मौके पर अंजुमन इमामिया मखंदूमेंहदी,अंजुमन परवानए शब्बीर राजापुर, अंजुमन ए जुल्फीकारिया पाईन्दापुर, और क्षेत्र की अंजुमनों ने पूरदर्द नोहा पेश किया।
यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होता हुआ गुज़रा, जहाँ जगह-जगह सबीलों का आयोजन किया गया और अज़ादारों की ख़िदमत की गई। मातमी अंजुमनों ने नौहाख़्वानी और सीना-ज़नी के माध्यम से कर्बला के शहीदों को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया गया
उलेमा-ए-किराम ने अपने ख़िताब में कहा कि हज़रत क़ासिम इब्ने हसन (अ.स.) ने कम उम्र में जिस तरह दीन-ए-इस्लाम और इमाम-ए-वक़्त की हिमायत में अपनी जान क़ुर्बान की, वह वफ़ादारी, ईमान और शहादत की बेमिसाल मिसाल है।उनकी ज़िंदगी नौजवानों को हक़, सब्र और अल्लाह की राह में क़ुर्बानी का पैग़ाम देती है।
जुलूस के दौरान अमन-ओ-अमान और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। अंत में मुल्क व क़ौम की तरक़्क़ी, अमन और खुशहाली के लिए दुआ की गई।
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